Saturday

लालू पर फिदा हुई बेगम


रेलमंत्री लालू प्रसाद का अंदाज ही निराला है-बात राजनीति की हो या टीवी शो की हर जगह वह अपनी हाजिर जवाबी के लिए मशहूर हैं। चैट शो की चर्चित पाकिस्तानी एंकर बेगम नवाजिश भी लालू से बातचीत में उनकी इस खास अदा पर मोहित हो गई। भारतीय मनोरंजन टेलीविजन चैनल पर पेश होने वाले एक चैट शो 'बेगम' में लालू का यह साक्षात्कार पेश किया जाएगा। लालू ने अपने ठेठ गंवई एवं चुटीले अंदाज में बेगम के सवालों का जवाब दिया, जिसमें लालू ने उन्हें राजनीति का मर्म समझाया। उन्होंने बेगम को बताया कि राजनीति में दोस्त नहीं बनाना चाहिए, नहीं तो वह आपको बाजार में बेच देगा। विदेशी छात्रों को मैनेजमेंट का फंडा पढ़ाने वाले लालू प्रसाद ने बेगम को एक सवाल के जवाब में खांटी देशी अंदाज में रेलवे को एक लाभकारी निकाय बनाने का रहस्य समझाते हुए कहा कि रेलवे एक जर्सी गाय है। मेरे रेल मंत्रालय संभालने से पहले यह गंदा-संदा था। मैंने इसे नहला-धुला कर साफ किया तो यह दूध देने लगी। चैट शो के एपीसोड की शूटिंग के दौरान रेलमंत्री लालू प्रसाद को तैयार होने में 30 मिनट लगे। लालू ने बेगम को बताया कि उन्हें सबसे अधिक नफरत मोबाइल फोन से है। बातचीत के बीच में ही उन्होंने बेगम को अपने साथ रेल यात्रा की पेशकश भी कर दी। इसपर बेगम ने उनसे पूछा कि राबड़ी जी को इस पर आपत्ति तो नहीं होगी। लालू प्रसाद ने बताया कि एक समय वह मांसाहारी थे, लेकिन अब वह इसे छूते तक नहीं। खानपान में आए इस बदलाव के बारे उन्होंने बताया कि एक दिन शंकर भगवान उनके सपने में आए और कहा कि मांस मछली छोड़ दो तो तुम्हारी परेशानी दूर हो जाएगी। उस दिन से उन्होंने मांस मछली खाना छोड़ दिया। लालू प्रसाद ने कहा कि उनके पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार और अभिनेत्री सायरा बानो रही हैं। आजकल उन्हें शाहरूख खान और सलमान खान पसंद हैं। उन्होंने कहा कि अब फिल्मों में वो बात नहीं रही। इक्का-दुक्का अच्छी फिल्में बनती भी हैं तो समय की कमी के कारण वह इसे नहीं देख पाते। बेगम ने जब उनसे पूछा कि आजकल आप एक बड़े ब्रांड बन चुके हैं, तो उन्होंने कहा कि मेरे उपभोक्ता ज्यादा हैं। मेरे कारण अगर किसी का रेट बढ़ जाता है तो क्या फर्क पड़ता है। राजनीति पर तल्ख टिप्पणी करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि राजनीति में किसी को दोस्त नहीं बनाना चाहिए, नहीं तो वह आपको बाजार में बेच देगा। लालू यादव ने बेगम को कांसे से बनी ट्रेन उपहार स्वरूप भेंट की।
साभारःजागरण

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