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धरती का विनाश रोकने के लिए ब्लैक आउट

दुनिया भर में 29 मार्च को ग्लोबल वार्मिग विरोध दिवस मनाया गया। इस अवसर पर करीब 35 देशों के 370 शहरों में लोगों ने ब्लैक आउट कर इस मसले को उजागर किया। इस मौके पर पूरा आस्ट्रेलिया लगभग एक घंटे तक अंधेरे में रहा। सिडनी के ओपेरा हाउस और व्यस्त हार्बर ब्रिज की बत्तियां भी गुल कर दी गई थीं। 'अर्थ आवर 2008' के आयोजकों के अनुसार दुनिया भर में करीब तीन करोड़ लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अर्थ आवर आयोजन का उद्देश्य ग्लोबल वार्मिग संकट की ओर विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित करना था। आस्ट्रेलिया में लोगों ने समुद्र के किनारे कैंडिल लाइट पार्टियों का आयोजन किया। नदियों में दीप दान किया। पूरे देश में बिजली की खपत को एक तरह से ठप कर दिया गया था। दक्षिण विक्टोरिया प्रांत के एक रेस्त्रां ने उन लोगों को मुफ्त बीयर बांटा, जो कार्बन गैस के उत्सर्जन के खिलाफ काली पट्टियां बांध कर रेस्त्रां आए थे। पिछले वर्ष भी आस्ट्रेलिया में लोगों ने अर्थ आवर मनाया था। उस समय भी पूरे आस्ट्रेलिया में घंटे भर के लिए बत्तिायां गुल कर दी गई थी। उस कार्यक्रम में करीब 20 लाख लोगों ने भाग लिया था। आस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका के अटलांटा, शिकागो, न्यूयार्क, मिसीसिपी और सैन फ्रांसिस्को के लोगों ने भी ग्लोबल वार्मिग की समस्या को उजागर करने के कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। सैन फ्रांसिस्को के गोल्डन गेट ब्रिज और शिकागो के सीयर्स टावर की बत्तिायां घंटे भर गुल रहीं। थाइलैंड, कनाडा, जर्मनी, जापान, फिजी, न्यूजीलैंड और इजरायल में भी लोगों ने बत्तिायां गुल की। अर्थ आवर 2008 के आयोजकों ने लोगों से स्थानीय समय के हिसाब से शाम 8 बजे से 9 बजे तक बत्ताी बुझा कर ग्लोबल वार्मिग की ओर विश्व समुदाय का ध्यान दिलाने को कहा था। साढ़े तीन हजार व्यापारिक घरानों ने भी इस वैश्विक कार्यक्रम में भाग लिया।

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