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महिलाओं को मिलेगा स्थायी कमीशन!

अधिकारियों की कमी से जूझ रही सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिए जाने के बारे में विचार किया जा रहा है। रक्षा राज्य मंत्री एम एम पल्लमराजू ने बुधवार को बताया कि अभी तक केवल अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त पुरुष अधिकारियों को ही स्थायी कमीशन दिया जाता है, लेकिन अब महिलाओं को भी स्थायी कमीशन दिए जाने के बारे में विचार किया जा रहा है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सईदा अनवरा तैमूर के प्रश्न के उत्तर में पल्लमराजू ने बताया कि वर्तमान में अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों की संख्या सेना में 3312, नौसेना में 1257 और वायुसेना में 1771 है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्थायी कमीशन देते समय अधिकारियों का रैंक नहीं घटाया जाता है। उन्हें पदोन्नति के समान अवसर भी दिए जाते हैं। पल्लमराजू ने बताया कि अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों को प्रशिक्षण एक अलग अकादमी में उसी पद्घति से दिया जाता है जैसा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी द्वारा दिया जाता है। पल्लमराजू ने विजय दर्डा के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर करियर वरीयताओं में परिवर्तन, रक्षा सेनाओं की कड़ी चयन प्रक्रिया और सेवा शर्तो आदि के कारण कई सैन्यकमियों ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति की इच्छा जताई है। इनमें बड़ी संख्या अधिकारियों की है। रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि रक्षा सेनाओं में अधिकारियों की कमी स्थायी कमीशन के साथ-साथ विभिन्न अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त संवगों में भी है। बहरहाल उन्होंने कहा कि अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों की भर्ती से अधिकारियों की कमी दूर करने में योगदान मिलता है। पल्लमराजू ने जया बच्चन के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सेना में रिक्तियों को भरने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और सेवा शर्तो को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सैयद अजीज पाशा के प्रश्न के उत्तर में रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि सैन्य क्षेत्र में कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में कथित अंतर की जांच की जा रही है। उन्होंने विप्लव ठाकुर के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ए वी सिंह समिति की रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर पदोन्नति के लिए वर्ष की सीमा घटाकर 2, 6 और 13 साल कर दी गई है, जिसका लाभ भी मिला है।

2 comments:

अल्पना वर्मा said...

महिलाओं को सेना में स्थाई कमीशन बहुत पहले से ही मिलता है..लेकिन सिर्फ़ चिकित्सा सेवा में--चिकित्सक और नर्सेस को सीधा लेफ्टिनेंट रैंक दिया जाता है.अब अन्य सेवाओं में भी अगर दे रहे हैं तो अच्छी बात है.

[krpya word verification hata lijeeye --dikkat hoti hai--comments moderate kar lijeeye--sirf ek sujhav hai..]do time ghalat type ho gaya -sach mein mushkil hai ..]

मंतोष कुमार सिंह said...

अल्पना जी सुझाव के लिए धन्यवाद word verification हटा लिया है असुविधा के लिए हमें खेद है