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किसी सूरत में मुंबई नहीं छोड़ूँगा: अमिताभ


राज ठाकरे की पार्टी का अपने खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से दुखी बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा है कि वह मुंबई में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं हैं और यहां से कहीं नहीं हिलेंगे।
बच्चन ने कहा कि मैं इस शहर को छोड़कर कहीं और नहीं जा रहा हूं। उन्हें हजार बोतलें फोड़ने दें, उन्हें मेरा पुतला जलाने दें और मेरे घर के सामने मार्च करने दें। बच्चन ने शहर से निकलने वाले एक टेबलायड से कहा कि उन्हें मेरी फिल्मों के पोस्टर्स पर कालिख पोतने और मेरी फिल्मों का प्रदर्शन रोकने दें। उन्हें मेरे ऊपर लाठी और पत्थर अथवा उनके पास जो कुछ भी उनका हथियार हो उससे हमला करने दें। बच्चन ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला करने के लिए तथा अपने आपको बाहरी कहे जाने पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश भाग यहां बिताए हैं। बच्चन ने कहा कि मैं कोई बाहरी व्यक्ति नहीं हूं। यह भूमि ठीक उसी प्रकार से मेरी भूमि भी है जैसे कि हमारे देश के अन्य नागरिकों की है। मैं 1968 में मुंबई आया। मुझे यहां आने के लिए किसी वीजा की आवश्यकता नहीं हुई। मैंने अपनी पहली कार और घर यहीं खरीदा। मैंने अपने पत्नी से इसी शहर में विवाह किया। मेरे दोनों बच्चों का जन्म भी यहीं हुआ है। मेरे दोनों बच्चों की शादी इसी शहर के उसी घर में हुई। बच्चन ने कहा कि मेरे दो नातियों का जन्म यहीं हुआ है। मेरे माता और पिता दोनों ने अपने जीवन के अंतिम साल यहीं बिताए और यहीं उन्होंने अपनी अंतिम सांसे भी ली। उनकी अंत्येष्टि यहीं की गई और उनकी राख यहीं की मिट्टी में मिल गई। उन्होंने कहा कि इस शहर ने उन्हें उनकी आशा और इच्छा से अधिक नाम और प्रसिद्धि दी है।

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