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मुर्दे को आठ महीने की जेल

कहने को तो मौत के बाद जिंदगी के तमाम सुख-दुख, पाप-पुण्य से छुटकारा मिल जाता है, लेकिन बेल्जियम के एक व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं हुआ। उस पर जीते जी लगे आरोपों की सजा उसे मौत के बाद सुनाई गई। यहां की एक अदालत में उसके साथ वाकई ऐसा ही हुआ।
दरअसल 21 साल के जोए वान डेन बोरेक पर गर्लफ्रेंड को सताने का आरोप लगा था। अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा था। इसी दौरान एक सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। लेकिन एंटवर्प की अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा चलता रहा और अंतत: उसे आठ महीने कठोर कारावास और 430 पाउंड (करीब 34 हजार रुपये) जुर्माना भरने की सजा सुना दी गई। उधर कोर्ट के प्रवक्ता ने कहा कि बोरेक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के कुछ ही दिन बाद उसे अदालत में हाजिर होने के लिए समन भेजा गया था। जब वह पेश नहीं हुआ, तो उसकी गैरहाजिरी में ही मुकदमा शुरू हुआ। हमें उसकी मौत की खबर होती तो हम पहले ही मुकदमा बंद कर देते।

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