Thursday

दम तोड़ दिया

  • डॉ. सैयद मकबूल अली
रह के खामोश जो फनकार ने
दम तोड़ दिया
रोज गढ़ते हुए आकार ने
दम तोड़ दिया
***
उतरा आकाश से दुनिया को सजाने के लिए
भागते वक्त की रफ्तार ने
दम तोड़ दिया
***
उसने जालिम को मोहब्बत से
किया जेरो-जबर
उसके हलकून पे तलवार ने
दम तोड़ दिया
***
जो किया ही नहीं था
उसकी सजा काटी थी
एक पाकीजा गुनहगार ने
दम तोड़ दिया
***
वक्त की मार ने कुछ
ऐसा सताया मकबूल
मेरे रहबर मेरे सरदार ने
दम तोड़ दिया

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