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Thursday

।।गीत कहीं या गजल..........।।

  • अभयकृष्ण
गीत कहीं या गजल सब एहि में कहाईल बा, आपन बर्बादी के हाल सब एहि में कहाईल बा।। पढ़े के उमरिया में किरकिटिया खेलाईल बा, एक से एक मँहग बल्ला किनाईल बा। आज उहे बल्ला से हमार कपड़ा धुलाईल बा, हमरा पहिला शौक के धुआँ धुआँ उड़ाईल बा।। गीत कहीं या गजल..........।। बाबुजी के कहना ना एगुड़ो सुनाईल बा, लागल हमके फिल्मी रोग ईऽ कहाईल बा। हर लड़की में हमरा हिरोईनी देखाईल बा, हर सपना हमार टुटके बिखराईल बा।। गीत कहीं या गजल..........।। कमाई के बेला तऽ बस हाथे मलाईल बा, इन्टरव्यु में कलकत्ता के मुबंई सुझाईल बा। सिफारिश के बिना बस किस्मतिया कोसाईल बा, चुग गइला खेत के बाद ही दुनिया पछताईल बा।। गीत कहीं या गजल..........।। आपन हाल देखके ही एगो सीख याद आईल बा, जिनगी के खेल में हुनर ही सबसे बड़ मिसाईल बा, ई कहनी तऽ आपन बाटे राउर खीस काहे निपोराईल बा, अइसन त नईखे ई रचना में रऊओ कहनी दोहराईल बा।। गीत कहीं या गजल..........।। गीत कहीं या गजल सब एहि में कहाईल बा, आपन बर्बादी के हाल सब एहि में कहाईल बा।।
भोजपत्र

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