Saturday

पत्रिका का शानदार आगाज

आखिरकार राजस्थान पत्रिका का मध्यप्रदेश संस्करण पत्रिका के नाम से भोपाल से लांच हो ही गया। इस अखबार का भोपाल के लोग और मीडिया जगत विगत पाँच वर्षों से इन्तजार कर रहे थे। लोगों का इन्तेजार बेकार नही गया, बहरहाल इन्तजार का फल मीठा होता है वाला मुहावरा एक बार फिर सच साबित हुआ।यह तो सर्वविदित है की राजस्थान पत्रिका का कलेवर अत्यन्त रोचक व स्तरीय है। साहित्य की भूख और व्यवस्थित ख़बरों के दीवाने पत्रिका को जरूर पढेंगे। फिलहाल पत्रिका अपने नए कद्दावर अंदाज मैं मध्यप्रदेश की जनता को लुभा रहा है। अच्छी खबरें अच्छा ले आउट और साथ ही रोचक सामग्री पत्रिका को सम्पूर्णता प्रदान कर रहा है।भोपाल में पत्रिका की धमाकेदार लांचिंग करने वाली टीम के मुखिया संपादक भुवनेश जैन और समाचार संपादक दिनेश रामावत इस बात का श्रेय ले सकते हैं कि उन्होंने भोपाल में दैनिक भास्कर को काफी चिंता में डाल दिया है, जो इन लोगों की प्राथमिक सफलता मानी जाएगी। भोपाल मैं ही पढे बढे पत्रकार धनंजय प्रताप सिंह का नया रूप देखकर यहाँ का मीडिया चकित है।बाजार में ये चर्चा थी कि पत्रिका का प्रकाशन भोपाल में अगस्त महीने से होगा लेकिन समय से पहले मध्य प्रदेश आकर पत्रिका ने सभी स्थापित प्रमुख अखबारों को चिंता मैं दाल दिया है। भोपालमैं पत्रिका की लौन्चिंग के पहले दिन से ही प्रमुख अखबारों के सर्कुलेशन गिरने की खबर है। उधर नव्दुनिया के पैर शुरुआत मैं ही उखड़ते नजर आ रहे है। पत्रिका अब भोपाल में लांचिंग के बाद अब ग्वालियर और इंदौर में अपना अखबार लांच करने की तैयारी में जुट गया है। जानकारों का मानना है कि पत्रिका भास्कर से उसी तरह बदला लेने के मूड में है जिस तरह भास्कर ने राजस्थान में जाकर किया था।
भड़ास

1 comment:

आशीष कुमार 'अंशु' said...

भोपाल में पत्रिका का स्वागत है