Friday

हिंदुस्तान की बारी

इस वर्ष चंडीगढ़ और देहरादून संस्करण क्रमशः अप्रैल और मई में लांच करने के बाद हिंदुस्तान अब जून में इलाहाबाद संस्करण लांच करने की तैयारी में जुटा है। इसके साथ-साथ ही यह मीडिया हाउस अपने प्रोडक्ट को अपडेट करने की कवायद में लगातार लगा हुआ है। अभी पिछले ही दिनों इसने लेआउट में फिर से बदलाव किया था और अब एक नई घोषणा इस मीडिया हाउस ने की है,वो है हिंदुस्तान अखबार को नौजवान रंग-रूप देने के साथ उसकी जबरदस्त आक्रामक ब्रांडिंग करने की। मतलब, हिंदुस्तान फिर बदलेगा!
एचटी मीडिया लिमिटेड अब हिंदुस्तान की बारी है, अब हिंदुस्तान की तैयारी है के नारे के साथ एक आक्रामक विज्ञापन और ब्रांडिंग अभियान जून माह से शुरू कर रहा है। इस अभियान को टीवी, अखबार, रेडियो, आउटडोर आदि माध्यमों पर लांच किया जाएगा। ताजातरीन जो आईआरएस डाटा आए हैं उसके मुताबिक हिंदुस्तान देश का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ अखबार है। इस तेजी को और ज्यादा तेज करने की पूरी रणनीति हिंदुस्तान प्रबंधन ने बनाई है। एचटी मीडिया के मार्केटिंग सेक्शन के एक अधिकारी के मुताबिक पचास फीसदी भारतीय आबादी कहीं न कहीं हिंदी भाषा का इस्तेमाल करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान अखबार ने बाजार में अपनी घुसपैठ और ज्यादा बढ़ाने की रणनीति तैयार कर ली है और इसकी शुरुआत इसी जून माह से हो रही है।
हिंदुस्तान प्रबंधन का मानना है कि भारत की वैश्विक होती नौजवान आबादी की जरूरतों, चाहतों को पूरा करने के लिए अखबार अपने समस्त स्वरूप और ढांचे को बदलने की तैयारी में है। कंटेंट, डिजाइन और प्रजेंटेशन, सभी को नए जमाने के हिसाब से बनाने की कवायद चल रही है।
प्रिंट मीडिया मार्केट में अब विस्तार के साथ साथ क्वालिटी की भी जंग शुरूर हो गई है, ऐसे लगता है। हिंदुस्तान की इस पहल के बाद दूसरे हिंदी मीडिया हाउस भी अपने कंटेंट, डिजाइन और प्रजेंटेशन को सुधारने के लिए जीतोड़ कोशिश करेंगे, यह तय है।
भड़ास

No comments: