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नाजुक हाथों में होगा सारी दुनिया का बोझ

  • विजय शर्मा
बालीवुड की बहुचर्चित फिल्म 'कुली' के सुपरहिट गीत 'सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं..' में आपने सुपर स्टार अमिताभ बच्चन को रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सामान ढोते देखा होगा। कुली के काम में अब तक पुरुषों का एकाधिकार रहा है। लेकिन अब वह दिन दूर नहीं, जब आप ट्रेन से उतरें और कोई महिला कुली आपका सामान उठाने के लिए आगे आ जाए।
पुरुषों को हर क्षेत्र में कड़ी टक्कर दे रही महिलाएं, अब रेलवे स्टेशनों पर कुली के काम में भी उनको चुनौती देती नजर आएंगी। रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे में पहली बार महिला कुलियों की भर्ती की योजना बनाई है। इसके तहत फिरोजपुर रेल मंडल में 344 कुलियों की भर्ती के लिए युवा पुरुष व महिलाओं से 25 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं।
फिरोजपुर रेल मंडल के सीनियर कामशिर्यल मैनेजर बृजेश धर्माणी ने बताया कि कुलियों से गैंगमैन बनाए जाने के बाद से मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर कुलियों के सैकड़ों पद रिक्त हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा देश में पहली बार हो रहा है कि कुलियों की भर्ती के लिए महिलाएं भी आवेदन कर सकेंगी। इन्हें भी रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित किए गए सभी टेस्ट पास करने होंगे। उल्लेखनीय है कि कुली बनने के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित टेस्टों में पुरुषों को सात मिनट में 15 सौ मीटर की दौड़ पूरी करनी होती है। जबकि महिला कुलियों को चार सौ मीटर की दौड़ तीन मिनट में पूरी करनी होगी। इसके अलावा दोनों को ही 50 किलो भार सामान उठाकर दिखाना होगा। टेस्ट में पास होने के बाद इनको बिल्ले अलाट किए जाएंगे।
जागरण

3 comments:

vipinkizindagi said...

bahut achchi post....


meri ek gazal....
खाली न हो घर दिल का,
इसमे समान कोई रखना,
जो चले गये छोड़कर सफ़र,
उनकी याद में याद कोई रखना,
जब हो कामयाबी का नशा खुद पर
तो सामने अपने आईना कोई रखना,
यकीनन ज़िंदगी एक ज़ंग है मगर,
इस दौड़ में अपना ईमान कोई रखना

बाल किशन said...

आशा है कि जीवन के हर क्षेत्र में इसी तरह उन्हें बराबरी का मौका मिलेगा और बहुत कुछ जो अभी ठीक होना बाकी है वो भी जल्द ही दुरस्त हो जायेगा.

pallavi trivedi said...

achcha laga jaankar...