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नकली दूध की जांच करे मात्र 50 पैसे में

  • संजय योगी
हिसार। यूरिया मिलाकर नकली दूध बनाने वाले सावधान हो जाएं क्योंकि अब दूध की जांच घर-घर में हो सकेगी और वह भी मात्र 50 पैसे के खर्च पर।
यह तकनीक ईजाद की है गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के फूड प्रोसेसिंग विभाग के अधिष्ठाता डा. बीएस खटकड़ के मार्गदर्शन में छात्र दीपक मृदगिल ने। दीपक ने शोध कर अपनी रिपोर्ट विभाग के अधिष्ठाता डा. खटकड़ को जमा करवा दी तथा विभाग अपने शोधार्थी की इस तकनीक को पेटेट करवाने जा रहा है। इस तकनीक से पहले दूध में यूरिया की जांच करने वाले टेस्ट डीएमएबी से दूध में केवल यूरिया की मात्रा का पता चलता था, जबकि इस तकनीक से प्राकृतिक रूप से दूध में उपलब्ध यूरिया तथा बाहर से मिलाए गए यूरिया की मात्रा अलग-अलग पता चल जाती है। दूसरा इस जांच में उपयोग किए जाने वाले केमिकल सस्ते तथा खतरनाक नहीं होते जबकि डीएमएबी टेस्ट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उपयोग किया जाता है जो खतरनाक होता है। हालांकि कृषि क्षेत्र में यूरिया का उपयोग ज्यादा होने के कारण दूध में यूरिया की मात्रा वैसे भी बढ़ गई है वहीं ऊपर से मिलावटी दूध तैयार करने वाले भी यूरिया को दूध में डाल देते है।
अपने शोध में विद्यार्थी ने कहा है कि दिल्ली के साथ लगने वाले हरियाणा, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के कुछ हिस्से में यूरिया से मिलावटी दूध तैयार किया जाता है जिसे हर जगह सप्लाई किया जाता है। हरियाणा में वर्ष 2000 से लेकर 2005 तक मिलावटी दूध तैयार करने के 1584 मामले अदालतों में पहुंचे जिसमें से 1026 मामलों में आरोपी आरोपमुक्त होने में कामयाब हो गए। इन 1026 मामलों में से 437 मामले हिसार, भिवानी, गुड़गांव, रोहतक व करनाल के थे।
आज जहां घर-घर में मिलावटी दूध पहुंच रहा है ऐसे में गुजवि के विद्यार्थी द्वारा तैयार की गई यह तकनीक कई मायनों में महत्व रखती है।
जागरण

2 comments:

Udan Tashtari said...

आभार जानकारी के लिए.

शोभा said...

बहुत अच्छी खबर है ये तो। आभार।