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पापा क्यों वादा तोड़ गए

संजय राय
आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते वक्त शहीद हो गए दिल्ली पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के बेटे दिव्यांशु की आंखों से अब आंसू थम ही नहीं रहे हैं। शुक्रवार की रात तक दिव्यांशु यह सोचकर खुश था कि शनिवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी और वह परिजनों से जाकर मिल सकेगा, लेकिन पिता की शहादत की खबर पाकर उसकी प्रसन्नता काफूर हो गई।
उसकी खुशी गम में बदल गई और पैरों तले से जमीन खिसक गई। दिव्यांशु अब तक नहीं समझ पा रहा है कि उससे मिलने का वादा करने वाले पापा अपना वादा कैसे भूल गए हैं? ज्ञात हो कि दिव्यांशु को यह खबर शुक्रवार तक नहीं दी गई थी कि उसके पिता शहीद हो गए हैं। हालांकि कीर्ति नगर स्थित कालरा अस्पताल में शनिवार की सुबह उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब दिव्यांशु को तीन दिन तक भर्ती रहने के बाद अस्पताल से 'रिलीव' कर दिया गया। उसे घर ले जाने अस्पताल पहुंचे परिजन यही सोचने लगे कि दिव्यांशु को पिता की शहादत की जानकारी कौन दे? यूं तो, सुबह साढ़े छह बजे परिजनों के साथ भारी संख्या में पुलिस मौजूद देखकर दिव्यांशु को शक हुआ, लेकिन चंद सेकेंड बाद जब पिता की शहादत की सूचना मिली, तो वह जैसे बुत में तब्दील हो गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिव्यांशु को द्वारका सेक्टर-चार स्थित ओम सत्यम अपार्टमेंट ले जाया गया। यहां कुछ देर बाद ही शहीद मोहन चंद का पार्थिव शरीर लाया गया। पिता का शव देखकर दिव्यांशु मां से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। कालरा अस्पताल के सीईओ डॉ। आरएन कालरा ने बताया कि शनिवार की सुबह छह बजे दिव्यांशु के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। वह पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है। उसके शरीर में तब एक लाख, 70 हजार प्लेटलेट्स थे। दिव्यांशु को 17 सितंबर को कालरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह डेंगू से पीड़ित था। उसके रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या खतरनाक स्तर तक पहुंच गई थी। उसे 17 यूनिट से अधिक प्लेटलेट्स चढ़ाया गया था।



साभार. जागरण

6 comments:

MANVINDER BHIMBER said...

diwanshu hi nahi....sabhi ke liye dukhad hai

परमजीत बाली said...

सचमुच बहुत दुखद है यह सब।

संगीता पुरी said...

बहुत ही दुखद घटना है.... भगवान से यही प्रार्थना है कि वे दिव्यांशु के साथ ही साथ पूरे परिवार को इस गम से लड़ने की शक्ति दे ।

कविता वाचक्नवी said...

वतन पर मिटने वालों का कहाँ बाकी निशाँ होगा?

Udan Tashtari said...

दुखद!!

pallavi trivedi said...

भगवान् उनके परिवार को ये दुःख सहने की ताकत दे...