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कोई मेरे बच्चे को गोद ले लो

बिहार में बाढ़ ने लाखों लोगों को बर्बाद कर दिया। इस बर्बादी का एक पहलू हम आपको बताने जा रहे हैं। जिसे सुनकर शायद आप अपने आप को रोक न सके। एक मां चाहती है कि कोई उसके बच्चों को गोद ले ले। पुर्णिया के निदान राहत शिविर में अपने चार दुध मुंहे बच्चे को लेकर बैठी एक औरत।

मधेपुरा के रतन पट्टी इलाके की रहने वाली एक औरत के घर में बाढ़ आने तक सब कुछ ठिक चल रहा था। लेकिन बाढ़ आने के बाद घर से पती और बच्चों के साथ निकली सुखीया देवी का बाढ़ के पानी के धार नें सब कुछ छीन लिया। अब सुखीया अपने चारों बच्चों को लेकर दर-दर भटकने को मजबुर है। वो चाहती है की इसके बच्चे को कोई गोद लेले । एक अपने कलेजे के टुकड़ों को अपने से जुदा करना चाहती है। दुनिया में भला कौन सी मां होगी जो अपने बच्चों को ही अपने से दूर करना चाहती है। लेकिन एक ऐसी मां है जो चाहती है ऐसा करना। वो लाचार है, मजबूर है। आपको और हमें इसके दुखों का अंदाजा नहीं हो सकता क्योंकि हमारे पास रहने को पक्के छत का एक घर है। इस मां के पास प्लास्टिक की छत है जिसमें किसी तरह वक्त गुजरता है। हमारे पास बदन छुपाने के लिए अच्छे कपड़े हैं लेकिन इस मां के पास अपने बच्चों और खुद के लिए तन ढकने के लिए कपड़े तक नहीं। हम अपने घरों और होटलों में लजीज खाना खाते हैं इस मां के बच्चे उबले चावल खाकर अपना पेट भरते हैं।दरअसल बाढ़ आने के बाद सुखिया अपने पति और बच्चों के साथ घर से निकली थी। उस वक्त सड़क पर पानी कम होने की वजह से सुखिया अपने तीन बच्चों को लेकर बाहर तो आ गई, लेकिन एक बच्चा पानी में फंस गया। अपने बेटे को बचाने के लिए सुखिया का पति लौटा। लेकिन पानी की तेज धार सुखिया के पति को अपने साथ बहा ले गयी। पिता की लाश नहीं मिली। परंम्परा के मुताबिक पिता की कठपुतली बनाकर बेटे ने उसे आग दी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि कौन पालेगे इन मासूमों को। इस मां की बेबसी देखकर कुछ मदद के लिए आगे जरूर आए हैं। लेकिन वो मदद कुछ दिनों के लिए ही काफी है। इन मासूमों के सामने पूरी जिंदगी पड़ी है। कैसे पालेगी इनको ये वो सवाल है जिसका जवाब ये मां हम सभी की आंखों में तलाश रही है।

आईबीएन-7

3 comments:

Udan Tashtari said...

मार्मिक!!

संगीता पुरी said...

कैसे पालेगी इनको ये वो सवाल है जिसका जवाब हम किसी के पास भी नहीं है।

mahendramishra said...

bada hi dardanak or marmik.