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ज्यादा पीने से सिकुड़ जाता है दिमाग

शराब को गले लगाने वालों के लिए एक नया शोध चिंता पैदा करने वाला है जिसके मुताबिक ज्यादा पीने से दिमाग सिकुड़ जाता है।
अमेरिका में मेसाच्युसेट्स स्थित वेलेसले कॉलेज के वैज्ञानिक केरोल आन पेन की अगुआई में किए गए शोध में यह बात सामने आई है। शोध में पता चला है कि सीमित मात्रा में काफी लंबे समय तक शराब पीने से भी दिमाग सिकुड़ जाता है जबकि काफी अधिक मात्रा में शराब पीने वालों का दिमाग कम समय में ही सिकुड़ जाता है।
इतना ही नहीं महिलाओं में यह खतरा पुरुषों की तुलना में कुछ ज्यादा ही होता है। इसलिये महिलाओं के लिये शराब पीना ज्यादा जोखिम भरा शौक हो सकता है। डॉ. पेन ने बताया कि आमतौर पर महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में छोटा होता है और एल्कोहल के प्रभाव के मामले में महिलाएं ज्यादा संवेदनशील होती हैं इसलिये इनके लिए यह शौक जोखिमभरा कहा जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक सप्ताह में एक से सात गिलास तक शराब पीना सेफ माना जा सकता है लेकिन लगभग जीवनभर यह आदत पालकर रखना दिल के लिए भले ही फायदेमंद हो दिमाग के लिहाज से यह नुकसानदायक हो सकती है। जबकि शोध के मुताबिक सात से 14 गिलास शराब सप्ताह में पीना जोखिम के दायरे में आता है। यह जोखिम दिल और दिमाग के अलावा यकृत और अन्य अंगों को भी अपने दायरे में ले लेता है।
आईबीएन-7

2 comments:

श्रीकांत पाराशर said...

Apni jeb se paisa bhi kharch karo aur dimag ko bhi sikudawao,yah kounsi budhimani hai, isliye aapki is post ko padhne wale bhai bhi gaur karenge to achha hoga.

सुमो said...

सही बात है, ज्यादा पीने से दिमाग एकदम सिकुड़ जाता है.
न मानो तो अमरसिंह को देख लो, ज्यादा पीने से दिमाग एकदम सिकुड़ कर छुहारा बन गया है, पठ्ठा कुछ भी अक्ल की बात नहीं कर पाता