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साढ़े सात घंटे से कम नींद घातक

पर्याप्त मात्रा में नींद ने लेना सेहत के लिए घातक है। नींद का एक नियमित चक्र होता है, जिसके कम या ज्यादा होने पर शारीरिक संतुलन बिगड़ जाता है। इसके बावजूद आधुनिक जीवन शैली में लोगों के सोने की अवधि कम हो रही है और लोग देर रात तक जागने लगे हैं। अनियमित नींद की हानियों को उजागर करने के क्रम में जापान के जिची मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन में सामने आया है कि हर रात साढ़े सात घण्टे से कम नींद लेने पर हृदयाघात का खतरा चार गुना तक बढ़ सकता है। यह निष्कर्ष पिछले वर्ष किए गए एक अन्य अध्ययन रिपोर्ट की पुष्टि करता है, जिसमें साबित हुआ था कि सात घण्टे से अधिक नींद लेने पर हृदयाघात का खतरा कम
होता है। शोध में उच्च रक्तचाप से औसतन पिछले 23 महीने से पीडि़त 1,255 मरीजों का अध्ययन किया गया। ये मरीज 33 से 97 आयु वर्ग के थे और इनकी औसत आयु 70 वर्ष थी। इनमें 1,007 मरीज 7.5 घण्टे से अधिक समय की नींद लेते थे, जबकि इससे कम नींद लेने वाले मरीजों की सख्या 248 थी। लगभग 50 महीने तक चले इस अध्ययन में पाया गया कि 7.5 घण्टे से कम सोने वाले मरीजों में हृदयाघात व सदमें का खतरा 27 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। अध्ययन में यह भी साबित हुआ कि जिन मरीजों का रक्तचाप रात में बढ़ जाता था, उनके लिए कम नींद लेने पर स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। अध्ययन रिपोर्ट 'आर्किव्स ऑफ इंटरनल मेडीसिनÓ नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

7 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

अच्छी जानकारी

mehek said...

ahut achhi jankari,ab bataye hum doctors kya karein , jinki duty aisi hoti hai ke mahino dhang se so bhi nahi pate:)

Neeraj Rohilla said...

हम तो जरा भी रिस्क नहीं लेते इस मामले में । १० घंटे तो कम से कम सोना ही चाहिये ।

makrand said...

acchi jankari
regards

Udan Tashtari said...

अरे बाप रे..हम तो अब निपटे ही समझो. पिछले १० साल से ४.३० घंटे से ज्यादा नहीं सोते.

अब समय बढ़ाना पड़ेगा.

जानकारी के लिए आभार.

dr. ashok priyaranjan said...

आपने बडा साथॆक िलखा है ।

pallavi trivedi said...

चलिए....हमें कोई परेशानी नही! बल्कि एक घंटा कम कर देंगे तो भी चलेगा!