Thursday

जर्मनी में एड्स के मरीज का सफल इलाज

जर्मनी में एक चिकित्सक ने एड्स के एक मरीज का इलाज कर असम्भव को संभव कर दिखाया है। गेरो ह्यूटर नाम के इस चिकित्सक ने अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (बोनमेरो ट्रांसप्लांट) के जरिए 42 वर्षीय एक एड्स के मरीज का ठीक कर दिया। यह प्रत्यारोपण एक खतरों से भरी उपचार प्रणाली है जिसका प्रयोग आमतौर ल्यूकेमिया में किया जाता है।
ह्यूटर ने बताया कि मरीज अमरीकी नागरिक है और अब बर्लिन में रह रहा है। मरीज का दो वर्ष पहले यह प्रत्यारोपण किया गया था। बर्लिन के चैरिटी अस्पताल में हुए इलाज के बाद मरीज को स्वस्थ घोषित कर दिया गया। उधर, इस सम्बन्ध में मायो क्लीनिक के निदेशक एंड्रयू बैडले का कहना है कि किसी एक मामले से अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अमरीका के एलर्जी एंड इंफैक्शियस डीसीसेज के निदेशक एंटनी फॉसी ने चेतावनी दी है कि यह पद्धति महंगी और प्राथमिक इस्तेमाल के लिए जोखिम भरी भी है।

इंटरनेट की लत 'रोग' की श्रेणी में!

चीन दुनिया का पहला ऐसा देश बनने की तैयारी में है, जहां इंटरनेट की लत को आधिकारिक तौर पर एक 'रोग' घोषित किया जाने वाला है। चीन के लोगों द्वारा रोज इंटरनेट पर बिताए जाने वाले समय में वृद्धि के मद्देनजर यह कदम उठाया जा रहा है। इस बीच राजधानी बीजिंग में चिकित्सकों ने इंटरनेट के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाली मनोवैज्ञानिक व शारीरिक समस्याओं पर एक रिपोर्ट भी पेश की है। रिपोर्ट इंटरनेट पर चैट करने वाले 1,300 लोगों के अध्ययन पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट की लत से मानसिक व शारीरिक तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा व एकाग्रचितता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। रिपोर्ट में इंटरनेट पर हर दिन छह घण्टे से अधिक समय बिताने व पिछले तीन महीने के दौरान किसी अनियमितता के लक्षण दिखने को व्यसन की श्रेणी में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि 2.53 करोड़ इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं के साथ चीन दुनिया का सर्वाधिक ऑनलाइन आबादी वाला देश बन चुका है और इसमें काफी तेजी से इजाफा हो रहा है।

Tuesday

साढ़े सात घंटे से कम नींद घातक

पर्याप्त मात्रा में नींद ने लेना सेहत के लिए घातक है। नींद का एक नियमित चक्र होता है, जिसके कम या ज्यादा होने पर शारीरिक संतुलन बिगड़ जाता है। इसके बावजूद आधुनिक जीवन शैली में लोगों के सोने की अवधि कम हो रही है और लोग देर रात तक जागने लगे हैं। अनियमित नींद की हानियों को उजागर करने के क्रम में जापान के जिची मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन में सामने आया है कि हर रात साढ़े सात घण्टे से कम नींद लेने पर हृदयाघात का खतरा चार गुना तक बढ़ सकता है। यह निष्कर्ष पिछले वर्ष किए गए एक अन्य अध्ययन रिपोर्ट की पुष्टि करता है, जिसमें साबित हुआ था कि सात घण्टे से अधिक नींद लेने पर हृदयाघात का खतरा कम
होता है। शोध में उच्च रक्तचाप से औसतन पिछले 23 महीने से पीडि़त 1,255 मरीजों का अध्ययन किया गया। ये मरीज 33 से 97 आयु वर्ग के थे और इनकी औसत आयु 70 वर्ष थी। इनमें 1,007 मरीज 7.5 घण्टे से अधिक समय की नींद लेते थे, जबकि इससे कम नींद लेने वाले मरीजों की सख्या 248 थी। लगभग 50 महीने तक चले इस अध्ययन में पाया गया कि 7.5 घण्टे से कम सोने वाले मरीजों में हृदयाघात व सदमें का खतरा 27 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। अध्ययन में यह भी साबित हुआ कि जिन मरीजों का रक्तचाप रात में बढ़ जाता था, उनके लिए कम नींद लेने पर स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। अध्ययन रिपोर्ट 'आर्किव्स ऑफ इंटरनल मेडीसिनÓ नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

Monday

बांझ महिला बनेगी मां!

ब्रिटेन में जल्द ही एक बांझ महिला मां बनने जा रही है। मां बनने के साथ ही वह अण्डाशय प्रत्यारोपण से शिशु को जन्म देने वाली दुनिया की पहली महिला बन जाएगी। 38 वर्षीय इस महिला को किशोरावस्था में ही चिकित्सकों ने बांझ घोषित कर दिया था। लेकिन पिछले साल चिकित्सकों ने एक क्रान्तिकारी प्रक्रिया के तहत इस महिला के शरीर में उसकी जुड़वा बहन का अण्डाशय प्रत्यारोपित करने में कामयाबी हसिल की। इसके बाद वह गर्भवती हुई और इस सप्ताह ही मां बनने वाली है। चिकित्सा जगत की इस उपलब्धि से हजारों बांझ महिलाओं के मां बनने की उम्मीद जगी है। शोध से जुड़े प्रमुख चिकित्सक शर्मन सिल्बर के अनुसार यह दुनिया में अपनी तरह का पहला अवसर है, जिसमें अण्डाशय प्रत्यारोपण से एक बांझ महिला गर्भवती हुई है।

Saturday

मेरठ में ब्लास्ट, चार की मौत

उत्तरप्रदेश के मेरठ शहर के निसारी गेट इलाके में ब्लास्ट हुआ है। धमाके की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई है। आधे दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से मृतकों और घायलो की संख्या नहीं बताई है। धमाका क्यों हुआ है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।

जानकारी के मुताबिक मेरठ के निसारी गेट थाना क्षेत्र के लखीपुरा में कूडे के ढेर में जोरदार धमाका हो गया। यहां पर असम से आए लोगों की बस्ती है। आसपास के इलाके में भारी संख्या में झुग्गी—झोपडियां हैं। बताया गया कि धमाके चपेट में वे लोग आए हैं, जो कूडे के ढेर से पन्नियां बिन रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल को चारों ओर से घेर लिया है। आसपास के इलाकों में भी नाकेबंदी कर दी गई है। धमाके के बाद घटनास्थल पर हजारों लोग जुट गए हैं। भीड को संभालने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड रही हैं।

Monday

बिहारी अस्मिता की रक्षा कौन करेगा

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हमले के विरोध में बिहार के नेताओं ने जे.पी. आंदोलन के बाद पहली बार एकजुटता प्रदर्शित की थी लेकिन एक सप्ताह के भीतर ही वे न केवल एक दूसरे पर हमले करने लगे बल्कि आपस में उनकी राजनीतिक खींचतान शुरू हो गयी और उनकी एकजुटता बिखरने लगी। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि बिहारी अस्मिता की रक्षा कौन करेगा।
27 अक्टूबर को पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और केन्द्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान एक साथ बिहार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिले थे और उन्होंने इस तरह ‘बिहारी अस्मिता’ के सवाल पर एकजुटता दिखायी लेकिन सात दिन के भीतर ही वे एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने लगे और राजनीति की आंच में अपनी अपनी रोटियां सेंकने लगे।
राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि बिहार में आयी भयंकर बाढ के मुद्दे पर भी तीनों नेता एकजुट नही हुए थे, लेकिन राज ठाकरे के भडकाऊ बयानों एवं बिहारियों पर महाराष्ट्र में हमले ने उन्हें एकजुट कर दिया, लेकिन इस मुद्दे पर आगे निकलने की होड में वे एक दूसरे पर ही पिल पड़े और उनके कदमों को नौंटकी करार दिया।
जनता दल (यू) ने अपने लोकसभा सांसदों के इस्तीफे की घोषणा कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोकजनशक्ति (लोजपा) को पीछे छोडने की कोशिश की। इस पर लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने जद.यू. की घोषणा को नौटंकी करार दिया। इसके बाद कल राजद प्रमुख लालू यादव ने बिहार के सभी जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की घोषणा की मांग कर नया राजनीतिक कार्ड खेला जिससे उनके विरोधी बौखला उठे।
श्री कुमार ने तो यहां तक कहा कि श्री यादव दरअसल बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहते है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा देने से समस्या का समाधान नहीं हो जाता लेंकिन 31 अक्टूबर को जद।यू. अध्यक्ष शरद यादव ने खुद अपने लोकसभा सांसदों के इस्तीफे की धमकी दी थी। श्री कुमार ने यह जवाब नहीं दिया कि क्या जद.यू. के सांसदों के इस्तीफे से समस्या का समाधान हो जाता तब फिर जद (यू) अध्यक्ष श्रीयादव ने ऐसा बयान क्यों दिया।

Sunday

सूर्योपासना का महापर्व छठ आरंभ


सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ रविवार से शुरू हो गया। लोक आस्था के इस महापर्व के पहले दिन (नहाय खाय) के साथ पूरे देश में सुबह छठ व्रतियों ने विभिन्न नदियों और तालाबों में स्नान किया। इसके बाद घर में बनी लौकी, चना, दाल और अरवा चावल से बने प्रसाद को भगवान भास्कर को अॢपत करने के बाद ग्रहण किया। इस महापर्व के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धालु पूरे दिन बिना जलग्रहण किए उपवास रखेंगे। इसके बाद सूर्यास्त होने के बाद सभी व्रती भगवान भास्कर की पूजा करने के बाद एक बार ही दूध और गुड़ से बनी खीर को ग्रहण करेंगे तथा चांद के आकाश में नजर आने पर जल ग्रहण करेंगे। जिसके बाद उनका करीब ३६ घंटे का निराहार व्रत शुरू होगा। महापर्व के तीसरे दिन व्रतधारी अस्ताचलगामी सूर्य को नदी और तालाब में खड़ा होकर प्रथम अध्र्य अॢपत करते हैं। व्रतधारी डूबते हुए सूर्य को फल और कंद मूल से अध्र्य अॢपत करते हैं। छठ पर्व के चौथे और अंतिम दिन फिर नदियों और तालाबों में व्रतधारी उदीयमान सूर्य को दूसरा अध्र्य देते हैं। दूसरा अध्र्य अॢपत करने के बाद ही श्रद्धालुओं का ३६ घंटे का निराहार व्रत समाप्त होता है और वे अन्न ग्रहण करते हैं।

बुद्धदेव और पासवान बाल-बाल बचे

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और केंद्रीय इस्पात, उर्वरक एवं रसायन मंत्री रामविलास पासवान रविवार को उस समय बाल-बाल बच गए जब पश्चिम मिदनापुर जिले में संदिग्ध माओवादियों ने उनके काफिले के एक पुल से गुजरने के दौरान उसके नीचे विस्फोट कर दिया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट में पासवान के काफिले की अंतिम कार के ड्राइवर समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह घटना मिदनापुर से आठ किलोमीटर दूर सालबोनी थानाक्षेत्र के कलाइचांदी खाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-60 पर हुई। पुलिस के अनुसार भट्टाचार्य के काफिले के पीछे पासवान का काफिला चल रहा था। पासवान के काफिले ने जैसे ही पुल को पार किया तो एक जबर्दस्त विस्फोट हुआ और उसकी चपेट में काफिले की अंतिम कार आ गई।

Saturday

पराए पति से प्रीति

लिव इन संबंधों को नए कानून के जरिए कानूनी मान्यता प्रदान करने के महाराष्ट्र सरकार के ताजा प्रयास के क्रम में एक बार फिर यह मुद्दा सुर्खियों में है। फिलहाल लिव इन संबंधों पर प्रस्तावित कानून का प्रारूप विचार के लिए महिला आयोग के पास है। प्रस्तावित कानून सिर्फ लिव इन संबंधों को वैधता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ शादीशुदा पुरुष के साथ किसी महिला के लिव इन संबंध से उपजे कुछ अन्य ज्वलंत सवाल भी जुड़े है।

अन्य क्षेत्रों की तुलना में बॉलीवुड की एक खास सिफत है। वह यह कि यहां पर आपको आकर्षक और कलात्मक प्रतिभा के धनी प्रतिभाशाली पुरुष और महिलाएं कहीं ज्यादा मिलेंगी। इन लोगों का मिजाज कुछ ज्यादा ही रोमांटिक होता है। बॉलीवुड के पुरुष और महिलाएं शूटिंग के सिलसिले में काफी वक्त साथ बिताते है। इस सूरतेहाल में उनके बीच प्रेम-प्रकरण पनप जाता है या वे आपस में शारीरिक आकर्षण के मायाजाल में फँस जाते है। बॉलीवुड में ऐसे अनेक विवाहित एवं अविवाहित अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के उदाहरण मौजूद है, जिन्होंने शादी किए बगैर लंबे समय तक प्रेम प्रसंग अथवा लिव इन संबंध कायम रखे। कुछ युगलों ने शादीशुदा होने के बावजूद अपने लिव इन पार्टनर के साथ कानून की नजर में अमान्य दूसरी शादी भी रचायी। इस संदर्भ में ताजा उदाहरण बॉलीवुड की स्वप्न सुंदरी अर्थात हेमामालिनी का दिया जा सकता है। हेमामालिनी ने राज्यसभा के आधिकारिक रिका‌र्ड्स में अपना जो बॉयोडेटा पेश किया, उसमें पति के नाम के आगे उन्होंने धर्मेन्द्र लिखा है। गौरतलब है कि उनके पति धर्मेन्द्र भी लोकसभा के सदस्य है। धर्मेन्द्र ने आधिकारिक रूप से अपना जो बॉयोडेटा पेश किया है, उसमें उन्होंने अपनी पहली पत्नी प्रकाश के साथ विवाहित होने की बात कही है। सरकारी या आधिकारिक दस्तावेजों में यह एक विलक्षण मामला है। बहरहाल हॉलीवुड में कई ऐसी अभिनेत्रियां रही है, जिन्होंने अन्य महिलाओं के पतियों के साथ रोमांस किया। इनमें से कुछ ने दूसरी महिलाओं के पतियों के साथ अंतत: शादी भी रचायी। इस संदर्भ में श्रीदेवी, सारिका और कथित रूप से रानी मुखर्जी आदि के चंद महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किए जा सकते है। ऐसी चर्चा है कि रानी मुखर्जी यशराज फिल्म्स के प्रमुख और निर्माता-निर्देशक आदित्य चोपड़ा के साथ रोमांस कर रही हैं।

जागरण से साभार